हिंदी Nios Indian Culture and Heritage (223) Free Solved TMA Assignment 2021-22

 

NIOS Indian Culture and Heritage 223 HINSolved TMA

INTRODUCTION

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Question And Answer

प्रशन: 1. निमंलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभाग 40-60 शब्द में दिजिए।
(a) संस्कृति और सभ्यता की किन्हीं दो समानताओं की जांच कीजिए। (पाठ-1 देखें)

उत्तर: संस्कृति और सभ्यता की निम्नलिखित समानताएँ:
(i) संस्कृति परिवर्तनशील है। यह समय के साथ बदलता रहता है।
(ii) संस्कृति सभ्यता की उच्चतम अवस्था है।

संस्कृति:
(i) सभ्यता परिवर्तनशील है। यह समय के साथ संस्कृति भी होता है।
(ii) सभ्यता का उच्च चरण परिवर्तन।

प्रशन: 1. निमंलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभाग 40-60 शब्द में दिजिए।
(b) इस्लाम धर्म के चार मूल सिद्धांतों को सूचीबद्ध कीजिए। (पाठ-4 देखें)

उत्तर: इस्लाम का मूल सिद्धांत है:

तौहीद: इस्लाम धर्म के लोग अल्लाह को मानते हैं। उनका मानना है कि अल्लाह हर मुसीबत को पार कर जाएगा।
नमाज: स्लैम धर्म में पांच वक्त की नमाज अनिवार्य है।
रोजा : इस्लाम में यह फर्ज है कि एक महीने का रोजा धर्म का पालन करें।
जकात: अपनी पूंजी का कुछ प्रतिशत दान में देना जकात कहलाता है।

प्रशन: 1. निमंलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभाग 40-60 शब्द में दिजिए।
(a) संस्कृति के अभौतिक पक्ष का विश्लेषण कीजिए। (पाठ-2 देखें)

उत्तर: (i) गैर-भौतिक संस्कृतियां अमूर्त हैं। इसे मापना मुश्किल है और ये संस्कृतियां जटिल हैं।
(ii) इसकी उपयोगिता और लाभों का मूल्यांकन करना एक कठिन कार्य है। और अभौतिक संस्कृति में परिवर्तन बहुत धीमा है।
(iii) जब अभौतिक संस्कृति को एक स्थान से दूसरे स्थान पर अपनाया जाता है, तो उसके स्वरूप में थोड़ा परिवर्तन अवश्य होता है।

प्रशन: 1. निमंलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभाग 100-150 शब्द में दिजिए।
(a) 'सूफी और शक्ति आंदोलन एक ही सिक्के के दो पहलू थे।' कथन को सिद्ध कीजिए। (पाठ-4 देखें)

उत्तर: (i) सूफी और शक्ति आंदोलन एक ही सिक्के के दो पहलू थे क्योंकि दोनों आंदोलनों ने एक ही बात पर जोर दिया।
(ii) ईश्वर या अल्लाह की पूजा करना, पूजा करना और गरीबों की मदद के लिए दान करना।
(iii) सूफी आंदोलन 14वीं से 16वीं शताब्दी तक एक सामाजिक-धार्मिक आंदोलन था और शक्ति आंदोलन भारत के इतिहास में एक गौरवपूर्ण धार्मिक आंदोलन था। ये दोनों आंदोलन एक दूसरे के समान हैं।
(iv) जो महापुरुष सूफी आंदोलन और शक्ति आंदोलन दोनों में थे, उन सभी ने बहुत सी बातें कही जैसे ईश्वर और अल्लाह में विश्वास करना, किसी को नुकसान न पहुंचाना, और किसी के बारे में बुरा न बोलना, किसी का दिल न दुखाना, आदि। ये बातें दोनों आंदोलनों में बोली जाती थीं।

प्रशन: 1. निमंलिखित प्रश्नों में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभाग 100-150 शब्द में दिजिए।
(b) प्राचीन भारत में दो महत्वपूर्ण धर्मो का उदय हुआ जैन और बौद्ध धर्म जिन्होंने भारतीय जीवन और संस्कृति पर अपनी अमिट छाप छोड़ी।  विश्लेषण कीजिए। (पाठ-3 देखें)

उत्तर: छठी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध और जैन धर्म का उदय एक महत्वपूर्ण घटना थी जिसका योगदान अविस्मरणीय रहा है। दोनों धर्मों ने भारतीय सांस्कृतिक जीवन को बहुत प्रभावित किया है। इन दोनों धर्मों में समानता के साथ-साथ असमानता के तत्व भी रहे हैं, जिसके कारण जैन धर्म बौद्ध धर्म से अधिक व्यापक रूप से नहीं फैला है। इसे हम निम्न रूप में देख सकते हैं

समानता के तत्व:
दोनों धर्मों ने वैदिक कर्मकांडों और वेदों के अपौरुषेय का विरोध किया।
दोनों धर्मों ने अहिंसा और सदाचार पर जोर दिया।
कर्मवाद, पुनर्जन्म और मोक्ष दोनों धर्मों में शामिल थे।
दोनों धर्मों के प्रचार-प्रसार के लिए भिक्षु संघों की स्थापना पर बल दिया गया।
दोनों के प्रवर्तकों को क्षत्रिय शासकों से संरक्षक प्राप्त हुए।
शुरुआत में दोनों ने संस्कृत भाषा का विरोध किया, दोनों धर्मों के प्रवर्तकों ने अपनी शिक्षा आम आदमी की भाषा में दी।

असमानता के तत्व:
बौद्ध धर्म आत्मा में विश्वास नहीं करता था, जबकि जैन धर्म की प्रधानता थी।
जैन धर्म में बौद्ध धर्म से अधिक अहिंसा और अपरिग्रह पर जोर दिया गया है, इस संदर्भ में उनके विचार अतिवादी थे।
जैन धर्म में नग्नता अनिवार्य मानी जाती थी जो बौद्ध धर्म में अनुपस्थित थी।
गौतमबुद्ध द्वारा तत्कालीन समाज में विद्यमान कुरीतियों पर जिस प्रकार कुठाघाट किया गया था, वह महावीर ने नहीं किया था।

6. नीचे दी गई परियोजनाओं में से कोई एक परियोजना तैयार कीजिए।
(ए) मध्य काल में दो नये धर्म भारत में विकसित हुए जैसे-सिख धर्म तथा पारसी धर्म। इन्होंने हमारे समाज को प्रभावित किया। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए एक रिपोर्ट तैयार कीजिए। जिसमें आप इन धर्मों की किन्ही चार शिक्षाओं के विषय में लिखिए।  इन धर्मों  के प्रसिद्ध धर्म स्थल या स्थलों को सूचीबद्व कीजिए और उनके बारे में लिखिए।

उत्तर: सिख धर्म: सिख धर्म या सिख एक भारतीय धार्मिक धर्म है जिसकी उत्पत्ति भारतीय उपमहाद्वीप के पंजाब क्षेत्र में 15वीं शताब्दी के अंत में हुई थी।

सिख धर्म के गुरु:
  • गुरु नानक देव जी
  • गुरु अंगद देव जी
  • गुरु अमर देव जी
  • गुरु राम देव जी
  • गुरु अरहान देव जी
  • गुरु हर गोबिंद साहिब जी
  • गुरु हर राय जी
  • गुरु तेग बहादुर जी
  • गुरु गिबिंद सिंह जी
  • गुरु ग्रंथ साहिब जी

चार सिख धर्म की शिक्षाएँ:
प्रत्येक सिख पुरुष और महिला को दस गुरु साहिबानों, गुरु ग्रंथ साहिब और दस गुरुओं के शब्दों और शिक्षाओं का सम्मान करना चाहिए।
सिख जप वही गुरु का नाम और अमृतवेला में वानिया का पाठ करें।
गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी जब गुरुद्वारा में आती है तो गुरबानी का प्रभाव सम्मान होता है।
जब गुरु ग्रंथ साहिब की सवारी गुरुद्वारा में आती है तो हर सिख को सम्मान के साथ खड़ा होना चाहिए।

सिख धार्मिक स्थल:
गुरुद्वारा हरमंदिर साहिब सिंह (पंजाब)
गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब (उत्तराखंड)
हजूर साहिब गुरुद्वारा (महाराष्ट्र)
गुरुद्वारा पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश)
सीस गंज गुरुद्वारा (दिल्ली)
फतेहगढ़ साहिब (पंजाब)
तख्त श्री दमदमा साहिब (पंजाब)
गुरुद्वारा मणिकरण साहिब (हिमाचल प्रदेश)


पारसी धर्म: पारसी धर्म या मज़्दायसन दुनिया के सबसे पुराने लगातार प्रचलित धर्मों में से एक है, जो भारतीय भाषी पैगंबर जोरोस्टर की शिक्षाओं पर आधारित है। पारसी धर्म में अच्छाई और बुराई का एक द्वैतवादी ब्रह्मांड विज्ञान है और एक युगांतशास्त्र है जो अच्छाई द्वारा बुराई की अंतिम विजय की भविष्यवाणी करता है।

पारसी धर्म के मुख्य शिक्षण में शामिल हैं:
आशा (परमेश्वर के नीच का ज्ञान)
वोहू - मूड (प्यार)
क्षेत्र (प्रेम सेवा)
पारसी धर्म में, सीमित संख्या में कोण होते हैं।

पारसी धर्म के ईश्वर: जोरोस्टर ने अनुयायियों को अहुरा मज़्दा नामक एक ही देवता की पूजा करना सिखाना शुरू किया।

पारसी धर्म का पूजा स्थल: एक अग्नि मंदिर, अतशकदेह (फारसी), अताशगाह या दार-ए-मेह्स

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