Nios Hindi (201) Free Solved TMA Assignment 2021-22

NIOS Hindi 201 Solved TMA

INTRODUCTION

आपको अप्रैल 2022 या अक्टूबर 2022 में एक परीक्षा देनी है तो आप यह TMA बना सकते हैं, TMA दोनों सत्रों के लिए बिल्कुल समान है। यह Solved TMA हमने आपके लिए एक अच्छे हिंदी के शिक्षक द्वारा बनाया है, अगर आप इसे अच्छी तरह से लिखेंगे तो आपको 95+% मिलेगा

Question And Answer

1. निम्नलिखित प्रशनो में से किसी एक प्रशन का उत्तर लगभग 40-60 शब्दों में दीजिए।
(क) 'आहवान' कविता में कवी माहे देश के विकास के लिए प्रेरित कर रहा है। देश के विकास में आप स्वयं को किस भूमिका में पते है ? टिप्णी लिखिए। 
(पाठ-4 देखें)

उत्तर: आह्वान कविता उस समय लिखी गयी थी जब भारत देश गुलाम था तथा विभिन धर्मों और जातियों में बटाँ हुआ था। कवी ने इस कविता के माध्यम से सभी देशवासियों को मिलकर संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया था। तथा भाग्य के भरोसे न रह कर कर्म करने के लिए प्रेरित किया था। यदि हम देश के विकास में स्वयं की देखें तो यह कविता हमे प्रेरित करती है की हमें देश के विकास में जाति प्रथा को छोड़कर भाईचारे के साथ मिलकर रहना होगा। इसके अलाव हमें कर्म पर अधिक बल देना होगा जिससे कि हमारा देश उन्नति कर सके।

2. निम्नलिखित प्रशनो में से किसी एक प्रशन का उत्तर लगभग 40-60 शब्दों में दीजिए।
(क) 'हम जैसी संगती रखते हैं' वैसे ही बन जाते है। 'सुखी राजकुमार' कहानी के आधार पर इस कथन को स्पष्ट करें। 
(पाठ-13 देखें)

उत्तर: संगति का हमारे ऊपर सीधा और प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ता है। हम जैसे साथियों के साथ रहते है उनसे प्रभावित होते हैं तथा धीरे धीरे वैसे ही बनने लगते हैं। यदि हम बुद्धिमान, आज्ञाकारी, दयालु और सहयोगी मित्र की संगाती में रहते हैं तो हम भी धीरे धीरे उनकी तरह बनने लगते हैं और यदि हम बुरे, दुराचारी तथा बद्तमीज लोगो के साथ रहते हैं तो हम भी उनकी तरह आचरण करने लगते हैं।

सुखी राजकुमार कहानी में जब राजकुमार जीवित था तब उसने कोई दुख नहीं देखा था। वह सुख-सुविधाओं वाला जीवन व्यतीत करने का आदि था। लेकिन जब वह मर गया त्त एक प्रतिमा बना कर स्थापित कर दिया गया तब उसे पता चला की संसार कितने दुखों और गरीबी-लाचारी से भरा पड़ा है।
अत: हम कह सकते है की हम जैसे संगती में रहते हैं वैसे ही बन जाते हैं।

3. निम्नलिखित प्रशनो में से किसी एक प्रशन का उत्तर लगभग 40-60 शब्दों में दीजिए।
(ख) "हमारा स्वास्थ्य हमारी स्वछता संबंधी आदतों से प्रत्यक्ष रूप से संबंधित है। "अपना पराया' पथ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए। 
(पाठ-4 देखें)

उत्तर: हमारा स्वास्थ्य हमारी स्वच्छता संबंधी आदतों से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होता है। वातवरण में अंसख्य रोगाणु होते हैं, जिनसे स्वयं को बचाने के लिए हमें स्वच्छ हवा, साफ पानी तथा अच्छी तरह धोकर या पका कर ही खाद्य -समग्री का प्रयोग करना चाहिए। त्वचा पर उपस्थित रोगाणुओं से खुद को बचाने के लिए हमे नित्य अच्छी तरह नहाना चाहिए तथा कुछ खाने-पिने से पहले अच्छी तरह हाथ धो लेना चाहिए। हमारी स्वछता संबंधी आदतें जितनी बेहतर होंगी हमारा स्वास्थ्य भी उन आदतों से प्रभावित होगा तथा बेहतर बनना रहेगा।

4. निम्नलिखित प्रशनो में से किसी एक प्रशन का उत्तर लगभग 100-150 शब्दों में दीजिए।
(ख) आपने 'इसे जगाओ' कविता पढ़ी। कविता के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि 'प्रकृति एक उत्कृष्ट शिक्षक है। 
(पाठ-12 देखें)

उत्तर: 'इसे जगाओ' कविता में कवि ने प्रकृति के साधनों से आलसी आदमी को जागने का भाव पैदा किया है। सूरज, हवा और पंछी प्रकृति के ऐसे साधन है जो संसार बनने के समय से सक्रिय हैं। सूरज रोज़ पूर्व से निकलता है और रोज़ पश्चिम में छिपता है। एक दिन भी अपने इस काम से पीछे नहीं हटता। वह संसार को ताकत देता है, रोशनी देता है हमारे जीवन का एक बड़ा स्त्रोत है। हवा भी लगातार बहती है. इससे भी संसार को जीवन के गीत सुनाता है। इस तरह सोए हुए या वक्त की चाल को न समझने वाले आदमी को कवि ने सावधान किया है।

इस प्रकार कवि ने प्रकृति के इन तीनों उपदानो से (साधनों) सूरज, हवा और पक्षी को मनुष्य की तरह आत्मीय भाव से सम्बोधित करते हुए आग्रह किया है की वो समय के साथ न चल पाने वाले आदमी को सच्चाई से परिचित कराएँ। उसके भीतर जागृति पैदा करें। ये तीनो आरम्भ से ही मानव जीवन के निकट के साथी हैं। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि 'इसे जगाओ' कविता में 'प्रकृति एक उत्कृट शिक्षक है'

5. निम्नलिखित प्रशनो में से किसी एक प्रशन का उत्तर लगभग 100-150 शब्दों में दीजिए।
(ख) विश्व में परस्पर शांति के लिए अहिंसा परम आवश्यक है। 'नाख़ून क्यों बड़ते हैं पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए। 
(पाठ-18 देखें)

उत्तर: अहिंसा: अहिंसा का सामान्य अर्थ है ' हिंसा न करना। इसका व्यापक अर्थ है - किसी भी प्राणी को तन, मन, कर्म वचन और वाणी से कोई नुकसान न पहुंचाना। मन में किसी का आहित न सोचना, किसी को कटुवाणी आदि के द्वारा भी नुकसान न देना तथा कर्म से भी किसी भी अवस्था में किसी भी प्राणी के साथ अहिंसा नहीं करनी चाहिए, यह अहिंसा है

'नाखून क्यों बढ़ते हैं' पाठ के आधार पर अहिंसा को इस प्रकार दर्शाया गया है :
लेखक का कहना है कि विश्व शांति के लिए हथियारों के निर्माण पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। हथियार होंगे तो लड़ाई जरूर होगी। आज मानव जाति के पास इतना भीषण बम है जो प्रमोचन हो गया तो पूरी मानवता को नष्ट कर देगा। मनुष्य के मन में नफरत का जहर भरा होता है, वह न केवल उसे जलाता है बल्कि दूसरों को भी नष्ट कर देता है। इसलिए हमें इस नफरत पर संयम रखना चाहिए, दूसरों के धर्म और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। उनके रीति-रिवाजों का सम्मान किया जाना चाहिए।

6. नीचे दी गई परियोजनाओं में से कोई एक परियोजना तैयार कीजिए।
(क) भारत में प्रचलित समान्य, कम घातक, अति घातक रोगों, उनके कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों पर एक फाइल तैयार कीजिए और चित्रों का भी प्रयोग कीजिए।

उत्तर: भारत में प्रचलित कुछ सामान्य रोग इस प्रकार हैं
सिरदर्द: सिरदर्द लगभग सभी लोगों को होता है और कुछ लोगों को इससे काफी असुविधा महसूस करते है. लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए यह एक अस्थायी लक्ष्य है।

सरदर्द की पहचान:

  1. आँखों में दर्द
  2. ऊपरी दांत में दर्द
  3. चेहरे में सूजन
  4. माइग्रेन (अधकपरी)
  5. रौशनी और आवाज़ के प्रति संवेदनशील

बचाव: यदि हमें तेज या गंभीर सिरदर्द हो, तो उसके लक्षण, सिरदर्द की गंभीरता और आपने इसे कैसे अनुभव किया, इसका रिकॉर्ड रखें। उस रिकॉर्ड को अपने साथ चिकित्सक के पास ले जाएं तथा चिकित्सक से उचित उपचार और सलाह लें।

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भारत में प्रचलित कम घातक रोग

मधुमेह: मधुमेह अथवा डायबिटीज। चयापचय संबंधी बीमारियों का एक समूह है जिसमें लंबे समय तक रक्त में शर्करा का स्तर उच्च होता है। उच्च रक्त शर्करा के लक्षणों में अक्सर पेशाब आना होता है, प्यास की बढ़ोतरी होती है, और भूख में वृद्धि होती है।

मधुमेह के लक्षण :

  1. बहुत ज्यादा और बार-बार प्यास लगना
  2. बार-बार पेशाब आना
  3. लगातार भूख लगना
  4. द्रिष्टी धुंधली होना
  5. अनायास वजन कम होना
  6. चिड़चिड़ापन और अन्य मनोदशा कमजोरी और थकान को बदलते है

मधुमेह से बचाव:
खेलकूद, व्यायाम या अधिक परिश्र्म करते समय उसके अनुरूप आहार की मात्रा में समयोजन करना आवश्यक है ताकि रक्त में शर्करा की मात्रा एकदम से कम न हो जाए , औपचारिकताओ आदि में न पड़कर महुमेह के रोगियों को समयानुसार अपने सभी कार्यों का निष्पादन करना चाहिए।

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कैंसर के प्रकार:

  1. गर्भाशय का कैंसर
  2. स्तनों का कैंसर
  3. मुख और गले का कैंसर
  4. पाचन अंगो का कैंसर
  5. प्रजनन और मूत्र अंग का कैंसर
  6. खून का कैंसर
  7. फेफड़ों का कैंसर थाइराइड कैंसर।

कैंसर होने के संभावित कारण:
(1धूम्रपान - सिगरेट या बीड़ी के सेवन से मुंह, गले, फेफड़े, पेट और मूत्राशय का कैंसर होता है।
(2) तम्बाकू, पान, सुपारी, पान मसालों, एवं गुटकों के सेवन से मुंह, जीग खाने की नली, पेट, गले, गुर्दे और अग्नाशय (पेनक्रियाज) का कैंसर होता है।
(3) शराब के सेवन से श्वांस नली, भोजन नली, तालु में कैंसर होता है।

कैंसर से बचाव के उपाय :

  1. धूम्रपान, तम्बाकु, सुपारी, चना, पान, मसाला, गुटका, शराब आदि का सेवन न करें।
  2. विटागिन युक्त और रेशे वाला ( हरा सब्जी, फल, अनाज, दालें) पौष्टिक भोजन खायें |
  3. कीटनाशक एवं खाद्य संरक्षण रसायनों से युक्त भोजन धोकर खायें।
  4. अधिक तलें, भुने, बार-बार गर्म किये तेल में बने और अधिक नमक में संरक्षित भोजन न खायें।
  5. अपना वचन समान्य रखें।
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